मधुमेह रोगी को कमजोरी क्यों महसूस होती है?HealthPlanet

Posted on Fri 16th Dec 2022 : 14:51

मधुमेह थकान के कारण क्या हैं? (What are the causes of diabetic fatigue?)

यहां आप यह सोच रहे होंगे की मधुमेह और नींद के बीच क्या संबंध है। और पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आप चौबीसों घंटे थकान क्यों महसूस करते हैं?

अनियंत्रित मधुमेह (Uncontrolled diabetes) के परिणामस्वरूप (results) रक्त शर्करा (blood sugar) के स्तर में उतार-चढ़ाव होता है, जो मधुमेह रोगियों में थकान का एक प्रमुख कारण है। अधिकांश अध्ययनों से संकेत (indicate) मिलता है कि मधुमेह की थकान (diabetes fatigue) के पीछे प्राथमिक कारण रोग के साथ आने वाली जटिलताओं (complications) के कारण होता है।

आइए हम सभी संभावित कारणों का विस्तार से पता लगाएं
#1. रक्त शर्करा के में अनियमित उतार–चढ़ाव (Irregular fluctuations in blood sugar)

मधुमेह न होने के बावजूद बहुत सारे ऐसे स्थिति है जो रक्त सर्करा के स्तर (blood sugar level) को बढ़ा सकती है। एक स्वस्थ व्यक्ति में, अंतर्ग्रहण भोजन (ingested food) से उत्पादित (produced) ग्लूकोज को ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए इंसुलिन (Insulin) द्वारा चयापचय (metabolized) किया जाता है।

मधुमेह रोगियों में, इंसुलिन के इष्टतम कामकाज (optimal functioning) बाधित (disrupts) हो सकती हैं, जिससे शरीर में रक्त शर्करा का स्तर (blood sugar level) उच्च और अनियंत्रित (high and uncontrolled) रूप से बढ़ सकता है।

इंसुलिन के इष्टतम कामकाज (optimal functioning) के बाधित होने की दो संभावनाएं हो सकती हैं –

अग्न्याशय (pancreas) पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पा रहा है
उत्पादित इंसुलिन कोशिकाओं द्वारा प्रभावी ढंग से (effectively) अवशोषित (absorbed) नहीं हो रहा है।

चूंकि ग्लूकोज ऊर्जा पैदा करने के लिए जिम्मेदार है, इसलिए कोशिकाओं (cells) में इसकी कमी से समय के साथ सुस्ती और थकान (lethargy and fatigue) की भावना पैदा कर सकती हैं।

वैकल्पिक रूप से (Alternatively),अत्यधिक निम्न रक्त शर्करा का स्तर (extremely low blood sugar levels) , जिसे हाइपोग्लाइसीमिया (hypoglycemia) के रूप में जाना जाता है, भी थकान का एक कारण हो सकता है। यह मधुमेह की दवा का एक सामान्य दुष्प्रभाव (side effect) है।
#2. मधुमेह के गौण लक्षण (Accessory symptoms of diabetes)

क्या आपको आश्चर्य (surprised) होगा अगर हमने कहा कि मधुमेह के अधिकांश सहायक लक्षण (helpful symptoms) जैसे बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, अचानक वजन कम होना और धुंधली दृष्टि (blurred vision) मधुमेह के रोगियों में पुरानी थकान (chronic fatigue) के संकेतों (signs) में योगदान (contribute) करती है।

ऊपर सूचीबद्ध किए गए सभी लक्षण मधुमेह रोगी को दिन भर शारीरिक रूप से (physically) अस्वस्थ महसूस कराते हैं। रात में खराब नींद वाले मधुमेह रोगियों को भी पूरे दिन कमजोरी (weakness) का अनुभव होता है।

प्राथमिक देखभाल चिकित्सक (primary care physician) के साथ इन जटिलताओं (complications) और अतिरिक्त लक्षणों (additional symptoms) पर चर्चा करने से लंबे समय में समस्याओं (problems) का बेहतर प्रबंधन (manage) करने में मदद मिल सकती है।
#3. मधुमेह से संबंधित जटिलताएं (Complications related to diabetes)

मधुमेह एक चयापचय विकार (metabolic disorder) है जो अंततः (ultimately) गुर्दे (kidneys) , हृदय आदि सहित कई महत्वपूर्ण अंगों के सामान्य कामकाज (normal functioning) को बाधित करता है। इसलिए, यह आश्चर्य की बात नहीं है कि मधुमेह वाले अधिकांश लोग गुर्दे की विफलता (kidney failure), संक्रमण (infection), हृदय रोग (heart disease) और तंत्रिका क्षति (nerve damage) सहित संबंधित जटिलताओं (complications) के कारण थकान (fatigue) का अनुभव करते हैं।

यदि आप मानक मधुमेह के लक्षणों (standard diabetes symptoms) के अलावा संबंधित लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो क्या गलत है, इसकी व्यापक समझ (comprehensive understanding) के लिए चिकित्सा की सहायता अवश्य लें।
#4. मधुमेह की दवाओं के दुष्प्रभाव (side effects of diabetes drugs)

हालांकि दवाओं का मधुमेह रोगी के स्वास्थ्य पर सकारात्मक (positive) प्रभाव पड़ता है, लेकिन इसके कुछ नकारात्मक परिणाम (consequences) भी होते हैं।

मधुमेह के लिए निर्धारित (prescribed) अधिकांश दवाएं साइड इफेक्ट के रूप में थकान (fatigue) का कारण बनती हैं। विभिन्न प्रकार की मधुमेह की दवाएं जो थकान में योगदान करती हैं उनमें शामिल हैं:

कोर्टीकॉस्टेरोइड्स (Corticosteroids)
स्टेटिन्स (statins)
मूत्रल (diuretics)
बीटा अवरोधक (Beta Blocker)
मेटफोर्मिन (metformin)

चूंकि मधुमेह अक्सर रोगी के हृदय स्वास्थ्य से संबंधित जटिलताओं का कारण बनता है, डॉक्टर बीटा-ब्लॉकर्स (beta-blockers) को एक निवारक (preventive) उपाय के रूप में लिख सकते हैं। बीटा-ब्लॉकर्स दिल के कार्यों को धीमा कर देते हैं, जिससे सुस्ती, थकावट (tiredness) और थकान (fatigue) होती है।
#5. मानसिक भलाई पर प्रभाव (impact on mental wellbeing)

सिर्फ शारीरिक थकान (physical fatigue) ही नहीं, कई मधुमेह रोगी साइड इफेक्ट के रूप में मानसिक थकान (mental fatigue) का अनुभव भी करते हैं। यहां तक ​​​​कि अध्ययनों से पता चलता है कि मधुमेह वाले लोगों में गैर-मधुमेह रोगियों (non-diabetics) की तुलना में अवसाद (depression) के विकास का 20% अधिक जोखिम होता है।

अवसाद और चिंता (Depression and anxiety) अक्सर पूरे दिन सुस्ती और थकान के रूप में प्रकट होती है। अधिकांश रोगियों को लगातार अस्वस्थ (unwell) होने का अहसास होता है, जिसमें नींद में खलल (sleep disturbances) भी शामिल है।
#6. मोटापा (obesity)

टाइप -2 मधुमेह (type 2 diabetes) से जुड़ा एक अन्य प्रमुख मार्कर (marker) जो थकावट और सुस्ती की अत्यधिक भावनाओं (extreme feelings) में योगदान देता है वह है मोटापा (obesity)। मोटे लोगों (Obese people) में हार्मोनल असंतुलन (imbalances), बिगड़ा हुआ चयापचय गतिविधि (impaired metabolic activity) और उच्च रक्त शर्करा के स्तर (high blood sugar levels) होने का जोखिम बढ़ जाता है, जिससे मधुमेह की थकान (diabetes fatigue) होती है।

मोटापा भी ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (obstructive sleep apnea) में एक प्राथमिक योगदानकर्ता (primary contributor) है, जो एक और स्थिति है जो गुणवत्ता की नींद (quality sleep) को बाधित करती है और मधुमेह रोगियों में सुस्ती और थकान के प्रसार (prevalence) की ओर ले जाती है।

खराब पोषण (Poor nutrition) और सामाजिक समर्थन (social support) की कमी भी अक्सर रोगियों में मधुमेह की थकान में योगदान करती है।

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